Purchase Voucher in Tally Prime: Step-by-Step Entry Guide with GST Example
Tally Prime में Purchase Voucher (F9) क्या है? जानिए Purchase Voucher की विशेषताएँ, GST Tax Calculation, Step-by-Step Entry और Real-World Examples (Hinglish Guide).

Purchase Voucher in Tally Prime with GST Example

Business Continuity रूप से चलाने और बिक्री (Sales) करने के लिए सबसे पहले सप्लायर या डीलर से सामान (Goods) या सेवाएं (Services) खरीदना अनिवार्य होता है। Tally Prime में जब भी आप अपने व्यवसाय के लिए Goods या Services खरीदते हैं, तो उसकी प्रविष्टि Purchase Voucher के माध्यम से दर्ज की जाती है।

Purchase Voucher में सही प्रविष्टि करने से आपका Inventory Stock बढ़ता है, आपके Sundry Creditors का हिसाब अपडेट होता है, और आप सही Input Tax Credit (ITC) का दावा करने के योग्य बनते हैं। आइए इस विस्तृत गाइड में समझते हैं कि Purchase Voucher क्या है, इसकी मुख्य विशेषताएँ कौन सी हैं, और GST के साथ व्यावहारिक उदाहरण के ज़रिए इसकी एंट्री कैसे करते हैं।

1. Purchase Voucher क्या है? (What is Purchase Voucher?)

Purchase Voucher Tally Prime का एक अत्यंत Important Accounting Voucher है जिसका उपयोग सप्लायर या वेंडर से खरीदी गई Goods (सामान) या Services (सेवाओं) की Entry को आधिकारिक रूप से Record करने के लिए किया जाता है।

  • Shortcut Key: Tally Prime में Purchase Voucher में जाने के लिए F9 शॉर्टकट की का इस्तेमाल किया जाता है।
  • उपयोग: इसका उपयोग नकद खरीदारी (Cash Purchase) और उधार खरीदारी (Credit Purchase) दोनों स्थितियों में किया जाता है।

2. Purchase Voucher (Key Features)

Tally Prime में Purchase Voucher एंट्री दर्ज करने पर निम्नलिखित मुख्य प्रक्रियाएँ अपने आप पूरी होती हैं:

  1. Supplier Record Management: सप्लायर से खरीदी गई हर वस्तु का विवरण और सप्लायर इनवॉइस नंबर सुरक्षित रहता है।
  2. Automatic Stock Increase: जैसे ही आप किसी आइटम की परचेज एंट्री सेव करते हैं, आपके गोडाउन (Inventory) में उस आइटम का Stock बढ़ा (Increase) दिया जाता है।
  3. Expense & Purchase Accounting: आपके व्यापार के Purchase Account और सप्लायर के Creditors Account में सटीक लेखा-जोखा दर्ज हो जाता है।
  4. GST & Tax Calculation: यदि आइटम पर GST सेट है, तो Tally स्वतः ही सही CGST, SGST या IGST कैलकुलेट करके आपकी ITC रिपोर्ट तैयार कर देता है।
  5. Bill & Invoice Verification: सप्लायर द्वारा दिए गए मूल बिल को सिस्टम में डिजिटल रूप से वेरिफाई और सेव किया जा सकता है।

3. Purchase Voucher का उपयोग कब करें? (When to Use)

व्यापार की निम्नलिखित परिस्थितियों में हमेशा Purchase Voucher (F9) का चुनाव करें:

  • ☑️ जब आप रीसेल (Resale) या मैन्युफैक्चरिंग के लिए सप्लायर से Goods/Items खरीदते हैं।
  • ☑️ जब आप अपने बिजनेस के लिए किसी वेंडर से Services (सेवाएं) प्राप्त करते हैं।
  • ☑️ जब आपको सप्लायर का Invoice Number और Bill Date रिकॉर्ड में दर्ज करना होता है।
  • ☑️ जब Sundry Creditors (लेनदार सप्लायर) के खाते में क्रेडिट एंट्री करनी होती है।

4. Purchase Voucher Enter करने के Step-by-Step Steps

Tally Prime में Purchase Voucher Entry दर्ज करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें:

  1. Gateway of Tally पर जाएँ: Tally Prime ओपन करके मुख्य डैशबोर्ड पर रहें।
  2. Vouchers Menu चुनें: Transactions के अंतर्गत Vouchers (Shortcut: V) पर क्लिक करें या V दबाएँ।
  3. Purchase Voucher (F9) Select करें: स्क्रीन के दाईं तरफ दिए गए बटन बार से या सीधा F9 की प्रेस करके Purchase Voucher खोलें।
  4. Supplier Invoice No. & Date भरें: सप्लायर द्वारा दिए गए बिल का Supplier Invoice No. और बिल की तारीख दर्ज करें।
  5. Supplier (Ledger) Select करें: Party A/c Name में सप्लायर का लेजर चुनें (जैसे: Mohan Traders) या नकद खरीदारी के लिए Cash/Bank चुनें।
  6. Purchase Ledger चुनें: Purchase Accounts के अंतर्गत बनाया गया अपना संबंधित लेजर चुनें।
  7. Items / Services और Quantity भरें: Name of Item में खरीदे गए सामान को चुनें और उसकी Quantity (मात्रा) तथा Rate (दर) दर्ज करें।
  8. Tax (GST) Check करें: आइटम के नीचे Enter दबाकर संबंधित GST Ledgers (जैसे CGST & SGST या IGST) सेलेक्ट करें ताकि टैक्स अपने आप जुड़ जाए।
  9. Narration लिखें: आवश्यकतानुसार नीचे संक्षिप्त विवरण दर्ज करें (उदा: Being goods purchased from Mohan Traders vide Bill No. 102)।
  10. Accept & Save करें: सब कुछ सही से चेक करने के बाद Enter दबाएँ या फिर कीबोर्ड से Ctrl + A दबाकर एंट्री को Save कर लें।

5. Practical Business Example

आइए एक वास्तविक बिल के उदाहरण से Purchase Voucher की एंट्री को समझते हैं:

Scenario:

आपकी कंपनी ने Arman Traders से ₹15/नोटबुक की दर से 20 Notebooks खरीदीं, जिस पर 18% GST लागू होता है।

Item FieldValue / Details
Supplier NameArman Traders
Item NameNotebook
Quantity20 Pcs
Rate₹15.00
Taxable Amount₹300.00
Tax (GST 18%)₹54.00 (CGST 9% = ₹27 + SGST 9% = ₹27)
Total Invoice Amount₹354.00
आपकी कंपनी ने Arman Traders से ₹15/नोटबुक की दर से 20 Notebooks खरीदीं, जिस पर 18% GST लागू होता है।

6 Shortcuts & Important Points

Quick Shortcuts:

  • Purchase Voucher: F9
  • Save / Accept Entry: Ctrl + A
  • Change Date: F2

🎯 Important Points for Accuracy:

  • हमेशा सही सप्लायर (जिससे सामान खरीदा है) का नाम ही सेलेक्ट करें, ताकि बिल का हिसाब गलत खाते में न जुड़े।
  • Items की सही Quantity और Rate भरें: बिल के अनुसार पीस, किलोग्राम या बॉक्स की संख्या सही दर्ज करें ताकि स्टॉक बैलेंस सटीक रहे।
  • Tax (GST) सही Check करें: अगर टैक्स अपने आप कैलकुलेट नहीं हो रहा, तो सप्लायर का State Code और Item का HSN/GST Rate चेक करें।
  • Narration लिखने की आदत डालें: बिल संदर्भ और पेमेंट टर्म्स नरेशन में लिखने से ऑडिट के समय परेशानी नहीं होती।
  • Cost & Profit Calculation: Purchase Voucher में दर्ज की गई सटीक लागत (Costing) से ही व्यापार का वास्तविक ग्रॉस प्रॉफिट (Gross Profit) तय होता है।

💡 Practical Tip for Beginners

Pro Tip:

हर Purchase की Entry बिल मिलते ही तुरंत (Real-Time) दर्ज करें। सप्लायर बिल को स्कैन या सुरक्षित फाइल करके रखें। इससे आपके फिजिकल रिकॉर्ड्स व्यवस्थित रहेंगे और GSTR-2B Reconciliation तथा Business Reports बिल्कुल सटीक बनेंगी!

📢 Comment Challenge

Purchase Voucher (F9) में आप सबसे पहले क्या Select / Fill करते हैं?

(A) Supplier (Party Name / Invoice No.)

(B) Items (Name of Goods)

(C) Quantity

(D) Amount

👉 अपना उत्तर नीचे Comment Box में ज़रूर लिखें और बताएं कि आप ऐसा क्यों करते हैं!

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